
उदारवादी कुरान
अनुवाद के उपयोग का अनुरोध
अंतरराष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) की रिपोर्ट पाकिस्तान
से. पाकिस्तान के सुन्नी
नागरिकों की एक संख्या ने सामाजिक नेटवर्क जैसे
"Facebook",
पर ऐक संदेश प्रकाशित करने
के साथ इस देश स्कूलों में कुरान की शिक्षा के अनिवार्य किऐ जाने के निर्णय का स्वागत करते हुऐ कुछ गलत और चरम अनुवादों के उपयोग पर अति चिंता ब्यक्ति की.
पाकिस्तान सुन्नी नागरिकों का एक समूह ने "Facebook" पर लिखा है: "हम स्कूलों में सही और
सच्चे कुरान अनुवाद के उपयोग की मांग करते हैं और "इमाम अहमद रज़ा खान" के
पवित्र कुरान अनुवाद को छात्रों के लिए सबसे उपयुक्त अनुवाद जानते हैं".
उन्होंने इस बात को दोहराया: "यह अनुवाद इस्लाम
के पैगंबर मोहम्मद के प्यार व इश्क़ मे बढ़ौतरी व समाज में सुरक्षा और शांति के संदेश
का प्रसार का कारण बनेगा".
यह उल्लेखनीय है कि, पाकिस्तानी धार्मिक मामलों के मंत्री, ने पहले घोषणा की थी कि सरकारी और निजी स्कूलों में प्राथमिक वर्गों (प्रथम
श्रेणी से छठे) के छात्रों के लिए कुरान पढ़ना और क़िराअत
और छठी से बारहवीं वर्गों के लिए कुरान सस्वर पाठ अनुवाद के साथ अनिवार्य है।
पाकिस्तानी धार्मिक मामलों के मंत्रालय ने इस संबंध
में एक कानून का मसौदा जो धार्मिक मामलों की कार्यकारी समिति की ओर से तय्यार किया
जा चुका है शिक्षा मंत्रालय के लिए भेजा दिया है.