अंतरराष्ट्रीय समूहः जकार्ता राज्यपाल "बासुकी आहुक" ने कुरान के अपमान के बारे में रिपोर्ट को खारिज कर दिया है कि उनके शब्दों को चुनिंदा जारी किया ग़या है।

अंतरराष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) ने अखबार "जकार्ता पोस्ट"द्वारा उद्धृत किया कि जकार्ता राज्यपाल "बासुकी आहुक" ने कहा कि वह वीडियो जो सोशल मीडिया में प्रकाशित हुई है वोह सेंसरशिप की ग़ई है उनके पूरे शब्दों को नही नहीं दिख़ाया ग़या है।
इस जारी की ग़ई वीडियो में जकार्ता राज्यपाल "बासुकी आहुक" ने अपने भाषण कहा है कि सूरा Ma'idah के 51 आयत मेंहै कि "ए ईमान वाले तुम यहूदियों और ईसाइयों को दोस्त न बनाओ वोह आपस में एक दुसरे के दोस्त हैं जो उनसे दोस्ती करेग़ा वोह उसी में से होग़ा और ख़ुदा सीतमकार को हिदायत नही करेग़ा और यह एसी टिप्पणी है कि इस पर इतेराज़ किया जाता है।
जकार्ता राज्यपाल "बासुकी आहुक" ने इस वीडियो कहा कि मैने कुरान का अपमान नहीं किया।
"बासुकी आहुक" ने कहा कि कि कुरान की आयत में कोई समस्या नहीं है और ये मेरे शब्द नहीं हैं।
59 हजार लोगों के एक सर्वेक्षण में कहा ग़या कि जकार्ता राज्यपाल "बासुकी आहुक" लोग़ों से माफी माग़ें।