अंतरराष्ट्रीय समूह: अमेरिका में इस्लामोफोबिया की लहर और एक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के मुस्लिम विद्वानों पर हमला करने के साथ ही पिछले दो दिनों के दौरान उत्तरी केरोलिना राज्य के "एपिक्स" शहर की मस्जिद में सभी मुसलमान एक साथ जमा होकर इस्लामोफोबिया के मुद्दे की जांच करेंग़े

अंतरराष्ट्रीय कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) ने «wral» समाचार एजेंसी के हवाले से खबर दिया है कि यह दो दिवसीय सम्मेलन 23 और 24 अक्तुबर को "पैगंबर की सीरत" पर आयोजित कर कुछ विषयों जैसे इस्लाम में मीडिया छवि और प्रवचन से निपटने के लिए की रणनीतियों का अध्ययन किया गया।
उत्तरी केंटकी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर Ihab साद ने सम्मेलन में कहा कि मुझे लगता है कि इस्लामोफोबिया का सबसे अच्छा इलाज समाज में मुसलमानों की भागीदारी है ताकि लोग उन्हें ज्यादा पहचाने।
साद ने कहा कि सामाजिक भागीदारी से पता चलता है कि हम मुसलमान भी हर किसी की तरह हैं अमेरिका के मुसलमान मुसलमानों के खिलाफ गलत धारणाओं का मुकाबला करें।
सम्मेलन में भाग लेने वाले राजनीतिक उम्मीदवारों के समर्थन के बिना इस नुक्ते की तरफ इशारा किया कि यह चुनाव अमेरिका में मुरहने वाले सलमानों के लिए बेहद हानिकारक है।
आसिफ अंसारी ने कहा, कि हमारे बच्पन की तुलना में 80 और अब ही चिंताजनक है।