
अंतर्राष्ट्रीय कुरआन समाचार एजेंसी(IQNA) ने बताया कि आगरा शहर के उच्च न्यायालय ने ताजमहल के अंदर मस्जिद में केवल आगरा शहर के नागरिकों को नमाज़ अदा करने की अनुमति है, जबकि इसमें इस इमारत को देख़ने आने वालों के लिए शामिल नहीं हैं। अदालत ने फैसले को ऐतिहासिक होने का कारण घोषित कर दिया।
भारत में ईरान के सांस्कृतिक सलाहकार (नई दिल्ली) ने कहा: कि एक न्यायाधीश के मुताबिक, यह इमारत दुनिया के सात आश्चर्यों में से एक है, और चूंकि यहां वायु प्रदूषण और अधिक लोग़ संपर्क में है, इसलिए रक्षा हरर कीमत पर आवश्यक है।
ताजमहल की मस्जिद के प्रबंधन जैदी ने इस फैसले का विरोध किया और कहा कि ताजमहल मस्जिद में आगरा या किसी अन्य शहर के नागरिक इसमें नमाज़ पढ़ने का हक़ रख़ते हैं।
उनके अनुसार, इस जगह में कई लोगों को नमाज़ से रोकने और इस जगह के लिए सुरक्षा उपायों को उठाया जाना चाहिए। उन्होंने अदालत से अपील की है कि इस केस को अल्लाहाबाद ले जाया जाए लेकिन अदालत ने खारिज कर दिया।
जैदी ने कहा कि वह आगरा सिटी कोर्ट के खिलाफ मुकदमा दायर करेगा।
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