तेहरान (IQNA) इराक के शिया और सुन्नियों ने कोरोनरी रोग के प्रकोप के मद्देनज़र इस साल रमज़ान के पवित्र महीने का स्वागत किया है, लेकिन वे अब भी अहले-बैत (अ0) और इमामज़ादों के पवित्र हरम या मस्जिदों में अपनी इबादत कर रहे हैं।

इकना के अनुसार, लगातार दूसरे वर्ष, मुसलमान कोरोना के प्रकोप से उत्पन्न स्थितियों में रमजान का महीना ग़ुज़ार रहा है।
इराक के शिया और सुन्नियों ने कोरोनरी रोग के प्रकोप के मद्देनज़र इस साल रमज़ान के पवित्र महीने का स्वागत किया है, लेकिन वे अब भी अहले-बैत (अ0) और इमामज़ादों के पवित्र हरम या मस्जिदों में अपनी इबादत कर रहे हैं वेबसाइट नेशनल न्यूज़ ने हिल्ला शहर में कासिम बिन मूसा अल-काज़िम (अ0) के पवित्र हरम में इराकी रोज़ादारों की स्थिति पर एक फोटो रिपोर्ट जारी किया है।
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कासिम बिन मूसा अल-काज़िम (अ0) के पवित्र हरम में इराकी ज़ाएर

रमजान के दौरान कुरान खत्म करती इराकी महिलाएं

इराकी परिवार का इफ्तार

कासिम बिन मूसा अल-काज़िम (अ0) के पवित्र हरम में इराकी ज़ाएरीन

कासिम बिन मूसा अल-काज़िम (अ0) के पवित्र हरम में कुरान पाठ समारोह

कासिम बिन मूसा अल-काज़िम (अ0) के पवित्र हरम में कुरान पाठ समारोह

कासिम बिन मूसा अल-काज़िम (अ0) के पवित्र हरम में ज़ियारत करते हुए लोग़

एक दिन के रोज़े के बाद इराकी परिवारों के लिए इफ्तार

इराकी परिवार का इफ्तार

कासिम बिन मूसा अल-काज़िम (अ0) के पवित्र हरम में महिलाओं का कुरान पाठ समारोह

कासिम बिन मूसा अल-काज़िम (अ0) के पवित्र हरम में नमाज़ी