नौरोज़ के आगमन और पृथ्वी के नवीनीकरण के दिनों के अवसर पर, इक़ना ने जहाने इस्लाम के नामक क़ारियों की आवाज़ में वसंत आयतों का निर्माण किया है। दूसरे भाग में आप,
नौरोज़ के आगमन और पृथ्वी के नवीनीकरण के दिनों के अवसर पर, इक़ना ने जहाने इस्लाम के नामक क़ारियों की आवाज़ में वसंत आयतों का निर्माण किया है। दूसरे भाग में आप, मिस्र के प्रसिद्ध का़री शेख मुस्तफा इस्माईल की आवाज़ में, सूरह मुबारक हदीद की आयत 17 की तिलावत सुनेंगे
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَنِ الرَّحِيمِ
اعْلَمُوا أَنَّ اللَّهَ يُحْيِي الْأَرْضَ بَعْدَ مَوْتِهَا قَدْ بَيَّنَّا لَكُمُ الْآيَاتِ لَعَلَّكُمْ تَعْقِلُونَ ﴿۱۷﴾
जान लो कि ख़ुदा ज़मीन को उसके मर जाने के बाद ज़िन्दा करता है। बेशक हमने तुम्हारे लिए निशानियाँ बयान की हैं ताकि तुम ग़ौर करो।
सूरा हदीद/17