तेहरान (IQNA) मिस्र के इस्लामी केंद्र अल-अज़हर ने पूर्वी यरुशलम के तथाकथित E1 क्षेत्र में लगभग 1,200 आवासीय इकाइयों के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू करने के इज़राइली शासन के कदम की निंदा की है।
इकना ने अल-अज़हर के अनुसार एक बयान जारी कर कहा कि इस योजना को लागू करना फिलिस्तीनी भूमि की खुलेआम चोरी और स्पष्ट आक्रामकता का अपराध है।
बयान में कहा गया कि इस योजना का उद्देश्य यरुशलम को अलग-थलग करना, उसे उसके आसपास के भौगोलिक क्षेत्र से पूरी तरह अलग करना तथा पश्चिमी तट (वेस्ट बैंक) को खंडित करना है, ताकि फिलिस्तीनियों के लिए यरुशलम को राजधानी बनाकर अपना स्वतंत्र देश स्थापित करने के अधिकार को समाप्त किया जा सके।
अल-अज़हर ने कहा कि बस्तियों का विस्तार एक व्यवस्थित आक्रामक कार्रवाई है और सभी अंतरराष्ट्रीय प्रस्तावों का स्पष्ट उल्लंघन है।
बयान में यह भी कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की गंभीर असमर्थता और वास्तविकता थोपने तथा भूमि पर कब्ज़ा करने की नीतियों के प्रति चिंताजनक चुप्पी के बिना इस प्रकार की कार्रवाइयाँ संभव नहीं थीं।
अल-अज़हर के इस्लामी केंद्र ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र की संस्थाओं से आह्वान किया कि वे इज़राइली बस्तियों के निर्माण को रोकने के लिए प्रभावी और बाध्यकारी कदम उठाएँ तथा फिलिस्तीनी भूमि और लोगों के विरुद्ध उल्लंघनों के लिए इज़राइली कब्ज़े को जिम्मेदार ठहराएँ।
अल-अज़हर ने अपने बयान के अंत में एक बार फिर सभी स्वतंत्र देशों और जागरूक अंतरात्मा वाले लोगों से फिलिस्तीनी जनता के साथ खड़े होने तथा उनके वैध और अविच्छेद्य अधिकारों का समर्थन करने की अपील की।
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