कर्बला(IQNA)रात और आज सुबह दोनों तीर्थस्थलों के बीच, अरबईन हुसैनी सैय्यद अल-शहादा और हज़रत अबुल फज़ल अल-अब्बास, अ.स., के तीर्थयात्रियों से भरा था, जिन्होंने एक और ग़ौग़ा पैदा किया।

अल-फ़ुरात न्यूज़ के हवाले से, इराक और दुनिया भर से पिछले दिनों और हफ्तों में कर्बला पहुंचे लाखों हुसैनी तीर्थयात्रियों ने कल रात और आज सुबह फ़ातेमह ज़हरा(अ.स)के साथ हरम के बगल में अरबईन मनाया और "लैब्बैक या होसैन" के नारे।
दुनिया भर से हुसैन के प्रेमी और तीर्थयात्री अरबईन इमाम हुसैन (एएस) की रात और दिन पर कर्बला के शहीदों और अलमदारे कर्बला की दरगाह के पास शोक मनाते रहे।
अबा अब्दुल्ला अल-हुसैन (अ.स.) की दरगाह के तीर्थयात्रियों ने भी कल देर रात दोनों दरगाहों के बीच मोमबत्तियाँ जलाईं, जिससे हज़रत के उत्पीड़न पर शोक व्यक्त करते हुए अपनी भावनाऐं प्रदर्शित सीं।
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