IQNA

लखनऊ शहर में सैकड़ों बच्चों और बच्चियों ने मनाया जश्न-ए-तकलीफ़

4:51 - June 06, 2026
समाचार आईडी: 3485406
तेहरान (IQNA) अल-मुअम्मल कल्चरल फाउंडेशन के तत्वावधान में पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन

इकना ने अल-मुअम्मल का हवाला देते हुए बताया कि लखनऊ: अल-मुअम्मल कल्चरल फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय निःशुल्क क्रैश कोर्स के समापन अवसर पर जश्न-ए-तकलीफ़ एवं पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों नाबालिग बच्चों और बच्चियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने इस कोर्स के माध्यम से दीन की बुनियादी शिक्षाओं, आवश्यक मसाइल तथा प्रारंभिक अहकाम की जानकारी प्राप्त की। परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं के साथ-साथ सामाजिक, शैक्षिक एवं धार्मिक क्षेत्रों में सक्रिय विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मान-पत्र एवं आकर्षक उपहार प्रदान किए गए।

गत रात्रि कर्बला दियानतुद्दौला, काज़मैन की आध्यात्मिक एवं उल्लासपूर्ण फिज़ा में आयोजित इस कार्यक्रम में ईद-ए-ग़दीर की आमद की खुशबू स्पष्ट रूप से महसूस की जा रही थी। कार्यक्रम का शुभारंभ क़ारी जनाब रैहान ने सूरह नबा की तिलावत से किया, जिससे वातावरण आध्यात्मिकता और श्रद्धा से सराबोर हो गया।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे मौलाना सैयद मिन्हाल हैदर ज़ैदी ने प्रारंभिक संबोधन के बाद अकबर हॉल, महताब बाग के शिक्षक मौलाना सैयद हैदर अब्बास रिज़वी को आमंत्रित किया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को ईद-ए-ग़दीर की अग्रिम मुबारकबाद देते हुए कहा कि अल-मोमिन कल्चरल फाउंडेशन की विशेषता यह है कि उसने अहलेबैत अ.स. की शिक्षाओं के अनुरूप नई पीढ़ी की धार्मिक एवं नैतिक शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाया है। उन्होंने वर्ष भर आयोजित किए जाने वाले शॉर्ट कोर्स, सेमिनार और संगोष्ठियों की सराहना की। साथ ही उन्होंने अभिभावकों का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों एवं कक्षाओं में बच्चियों की संख्या प्रायः बच्चों से अधिक होती है, जबकि बच्चों के लिए भी ऐसे अवसर समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। अतः अभिभावक अपने बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित करें।

समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सेवाएँ देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। इनमें डॉ. सैयद फ़ैज़ अब्बास आबिदी, डॉ. सैयद ज़ैग़म अब्बास, नुक्कड़ प्रेस के मालिक मिर्ज़ा मोहम्मद आलम, हकीम ख़ावर नवाब, पत्रकार शकील रिज़वी, पत्रकार ताहिर रिज़वी, पत्रकार नज्मुल हसन, जनाब नज्मुल हसन नज्मी, जनाब शादाब अली नवाब, जनाब शब्बीर (शीश महल), मौलाना साबिर अली इमरानी, ब्रादर मीसम मेराज (कस्बा बिजनौर) तथा कैमरामैन नज़र अब्बास के नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।

मौलाना मिन्हाल हैदर ज़ैदी ने प्रत्येक सेंटर से पूर्ण उपस्थिति दर्ज करने वाले एक छात्र अथवा छात्रा के लिए लॉटरी के माध्यम से विशेष पुरस्कार की घोषणा की, जिसे उलेमा-ए-किराम के हाथों वितरित किया गया। इसके बाद युवाओं ने अस्मा-ए-हुस्ना पर आधारित तवाशीह प्रस्तुत कर श्रोताओं के हृदयों को ईश-स्मरण से आलोकित कर दिया।

मोमल हॉल, सरफ़राज़गंज की छात्रा ख़्वाहर फ़ातिमा रिज़वी ने अंग्रेज़ी भाषा में इस क्रैश कोर्स की उपयोगिता पर अपने विचार व्यक्त किए, जबकि मुफ़्तीगंज गर्ल्स कॉलेज की छात्रा ख़्वाहर अज़रा बानो ने भी आत्मविश्वास के साथ अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर अल-मोमिन कल्चरल फाउंडेशन की गतिविधियों पर आधारित सात मिनट की एक डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई।

गुलिस्तान-ए-मोहम्मदी, कश्मीरी मोहल्ला में अध्यापन कार्य कर रहे मौलाना सैयद सईदुल हसन नक़वी ने फाउंडेशन के पदाधिकारियों तथा सभी शिक्षकों और शिक्षिकाओं को बधाई देते हुए कहा कि जश्न-ए-तकलीफ़ का उद्देश्य बच्चों को यह एहसास कराना है कि अब उन पर कुछ कार्य अनिवार्य और कुछ निषिद्ध हो जाते हैं तथा इन्हीं आदेशों का पालन इंसान को सच्चा बंदा-ए-ख़ुदा बनाता है।

ख़्वाहर अरीबा, ख़्वाहर किसा, ख़्वाहर आमिरा, ख़्वाहर शिफ़ा और ख़्वाहर फ़िज़्ज़ा ने हज़रत हुज्जत इब्नुल हसन अ.स. की बारगाह में तवाशीह प्रस्तुत कीं, जिससे उपस्थित लोगों के दिलों में इमाम-ए-ज़माना अ.स. के प्रति प्रेम और ज़ुहूर की आकांक्षा और अधिक प्रबल हो गई।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न केंद्रों पर सक्रिय स्वयंसेवकों एवं विशेष वालंटियर्स की सेवाओं को भी सम्मानित किया गया। मौलाना सैयद अलमदार हुसैन तथा ब्रादर हैदर अब्बास भोलू के नाम विशेष वालंटियर के रूप में घोषित किए गए।

कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक क्षण वह था जब नाबालिग बच्चों और बच्चियों ने मंच पर आकर ख़ुदा, पैग़म्बर-ए-इस्लाम हज़रत मुहम्मद (स.) और अहलेबैत अ.स. के समक्ष यह संकल्प लिया कि वे धार्मिक शिक्षाओं का पालन करते हुए देश की उन्नति और समाज की भलाई के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

मौलाना साबिर अली इमरानी ने इस अवसर पर अपनी काव्यात्मक प्रस्तुति से श्रोताओं की खूब सराहना प्राप्त की। जबकि अंतिम संबोधन मुफ़्तीगंज गर्ल्स कॉलेज में अध्यापन कार्य कर रहे मौलाना सैयद हसनैन बाक़री ने किया। उन्होंने कहा कि विलायत-ए-अलवी के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के साथ स्वयं धार्मिक जीवन अपनाना और उसकी प्रचार-प्रसार के लिए चिंतित रहना भी आवश्यक है।

अल-मोमिन कल्चरल फाउंडेशन की ओर से सात दिवसीय निःशुल्क क्रैश कोर्स में अध्यापन करने वाले सभी शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं को अ़तबात-ए-आलियात के तबर्रुकात तथा सम्मान-पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। संस्था के संरक्षक मौलाना एहतिशामुल हसन ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, स्वयंसेवकों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि भविष्य में इन कक्षाओं को और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाया जाएगा ताकि नई पीढ़ी में धार्मिक चेतना और नैतिक मूल्यों का विकास हो सके।

समारोह में प्रत्येक केंद्र से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए गए। साथ ही उपस्थित लोगों के बीच भी लॉटरी के माध्यम से तबर्रुकात वितरित किए गए। इस अवसर पर अल-मोमिन कल्चरल फाउंडेशन द्वारा पुस्तकों का एक विशेष स्टॉल भी लगाया गया था, जहाँ विभिन्न धार्मिक एवं शैक्षिक पुस्तकें 50 प्रतिशत की छूट पर उपलब्ध थीं।

कार्यक्रम में मौलाना सैयद तनवीर अब्बास, मौलाना सैयद अरशद मूसवी, मौलाना सैयद अलमदार हुसैन, मौलाना सैयद फ़ैज़ अब्बास मशहदी, मौलाना सैयद जावेद मुस्तफ़वी, मौलाना सैयद क़मरुल हसन, मौलाना सैयद यावर अब्बास, मौलाना सैयद मोहम्मद आरिफ़, मौलाना सैयद वसीम, मौलाना सैयद तफ़्सीर, मौलाना सैयद अदील हसन, मौलाना कल्ब अब्बास, मौलाना अबुल फ़ज़्ल आबिदी सहित अनेक उलेमा एवं गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

अंत में सामूहिक दुआ-ए-फ़रज के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। उल्लेखनीय है कि इस संपूर्ण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण हैदरी यूट्यूब चैनल पर किया गया।

برگزاری مراسم جشن تکلیف صدها دختر و پسر نوجوان در شهر لکهنو + عکس

برگزاری مراسم جشن تکلیف صدها دختر و پسر نوجوان در شهر لکهنو + عکس

برگزاری مراسم جشن تکلیف صدها دختر و پسر نوجوان در شهر لکهنو + عکس

برگزاری مراسم جشن تکلیف صدها دختر و پسر نوجوان در شهر لکهنو + عکس

 

4356156

captcha